Spiga

लव गुरु स्टोरी

चांदनी रातों ने सारा जहाँ सोता है लेकिन किसी की मोहब्बत में कोई बदनसीब रोता हैखुदा कीसी को मोहब्बत मेंफ़िदा करे, अगर करे तोह क़यामत तक जुदा करे

दिलो से खेलने का हुनर हमें नही आता, इसीलिए इश्क की बाज़ी हम हार गए , मेरी जिंदगी से शायद उन्हें बहुत प्यार था , इसीलिए मुझे जिंदा ही मार गए ...............

सोचा ना था एक दिन ऐसा भी आएगा |

सोचा ना था एक दिन ऐसा भी आएगा |
की एक प्यारा सा दोस्त हमे भूल जायेगा |
हम रुके हैं उसके इन्तेज़ार में |
और वोह हमे I MISS YOU भी कहना भूल जायेगा |




साँस लेने से भी तेरी याद आती हैं |
ना लेने से मेरी जान जाती हैं, |
कैसे कहूँ की साँस से मैं जिन्दा हूँ। |
जबकी साँस से पहले तेरी याद आती हैं |

आदतन तुम ने कर दिए वादे

आदतन तुम ने कर दिए वादे
आदतन हम ने ऐतबार कीया
तेरी राहों में बारहा रुक कर
हम ने अपना ही इंतज़ार कीया
अब ना मांगेंगे जिंदगी या रब
ये गुनाह हम ने एक बार कीया

बे पनाह चाहों तुजे येही चाहत है मेरी ,

बे पनाह चाहों तुजे येही चाहत है मेरी ,
मर मीट जाओं तुम पर येही मोहब्बत हौ मेरी ,

हमेशा मेरे लबों पर दुआ है खुश रहो तुम ,
तुम जो सदा हंसती रहो येही राहत है मेरी,

सुख तुझ पर निछावर कर दूँ मैं इस तर्हन ,
दर्द सारे ले लूँ तुमसे येही आदत है मेरी ,

तुजे खोने से पहले ख़ुद को खो दूँ मैं ,
ज़िंदगी से रूठ जाओं येही हसरत है मेरी ......

Baat thi muhabbat ki,

Baat thi muhabbat ki, umr bhar ki chahat ki
Bher mai zamane ki sath sath chalna tha...

Imteha'n bhi anay they, zindagi s sab hi pal
Sath hi betanay they, janay tum ne kya socha

Bas 1 pal mai he, bat khatm kar dali,
Zindagi jo pori thi, woh adhori kar dali,

Par kon tum ko samjhae,muhabat k mausam bhi roz nahi atay,
Yun zindagi mai apno ko chorr to nahi jatey...!!


सर से पांव तक वह गुलाबों का शजर लगता हे

सर से पांव तक वह गुलाबों का शजर लगता हे
बा वजू होके भी छूते हुए डर लगता हे
मेरे अन्दर्कोई रहने लगा दुश्मन जानी मेरा
ख़ुद से मिलते हुए तन्हाई मी डर लगता हे
बुत भी रख्खे हें नमजें भी अदा होती हें
दिल मेरा दिल नही अल्लाह का घर लगता हे
मी तेरे साथ सितारों से गुज़र सकता हूँ
कितना आसन मुहब्बत का सफर लगता हे
ज़िंदगी तुने मुझे काबर से कम दी हे ज़मीं
पाऊँ फेलाऊँ तो देवर मी सर लगता हे

एक तरफ का प्यार

एक गीत हर उस आशिक के लिए जो अपनी मोह्हब्त का इजहार नही कर पाता
एक तरफ का प्यार हैं मेरा,
तेरा इजहार चाहता हू,

ना -उममीद नह हू में तेरा ,
एतबार चाहता हू,

जो थोफा एक फूल तुम दो मुझे,
वो लमहा यादगार चाहता हूँ,

जब मिलती हो मेरी रहे तुमसे ,
वो इततफाक हर बार चाहता हूँ,

एक तरफ का प्यार हैं मेरा,
रेता इजहार चाहता हूँ,

ना-उममीद नही हूँ में तेरा,
एतबार चाहता हूँ।।

ये शायरी मेने अपने पहले प्यार के लिए लिखी हैं
आप भी मेरे पहले प्यार के बरे में कुछ कहना चाहते हैं तो
अपने कमेंट िलख कर मुझे भेजो

आजकल हमसे रूठे

आजकल हमसे रूठे हुए हैं सनम
प्यार में हो रहे हैं सितम पे सितम
लकिन खुदा की कसम होंगे जिस रोज हम आमने-सामने
सारे शिकवे गिले दूर हो जायेंगे
आजकल हमसे रूठे...

उनके हर नाज की हमने तारीफ की
शुक्रिया भी न कहने की तकलीफ की
हमने देखा तो परदे में वो झुप गए
क्या पता था वो मगरूर हो जायंगे
आजकल हमँसे रूठे ...

हमको अपनी निगाहों पे हैं इत्बर
एक दिन उनको कर देंगे हम बेकरार
जिस तरह हम मोह्ह्बत में मजबूर हैं
इस तरह वो भी मजबूर हो जायंगे
आजकल हमँसे रूठे...